अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया भजन लिरिक्स

1
2939
बार देखा गया
अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया भजन लिरिक्स

अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



दादुर मोर पपीहा बोले,

पपीहा बोले पपीहा बोले,
कूके काली कोयलिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसें बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



शीश मुकुट कानों में कुण्डल,

सोवे लाल चुनरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसें बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



माथे की बिन्दिया चमचम चमके,

चमचम चमके चमचम चमके,
माथे की बिन्दिया चमचम चमके,
जैसे गगन में बिजुरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसें बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



सूरज चन्दा आरती उतारे,

पवन बुहारे डगरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसें बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



ब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे,

शंकर नाचे भोला नाचे,
मोहन बजाये बाँसुरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसें बदरिया,
ओये मेरी माँ की दुअरिया।।



ओ प्रेम से बोलो जय माता दी,

ओ सारे बोलो जय माता दी,
ओ आते बोलो जय माता दी,
ओ जाते बोलो जय माता दी,
ओए कष्ट निवारे जय माता दी,
माँ पार उतारे जय माता दी,
मेरी माँ भोली जय माता दी,
भर देती झोली जय माता दी,
माँ जोड़े दर्पण जय माता दी,
माँ देदे दर्शन जय माता दी,
ओ जय माता दी, जय माता दी,
जय माता दी, जय माता दी।।


1 टिप्पणी

आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम