अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी राजस्थानी (मल्हार )

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अरज सुणो बनवारी
अरज सुणो बनवारी

​राग- राजस्थानी (मल्हार )
अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी

श्वास श्वास मे थारे सुमीरु दाता, भूलों मति बनवारी,
भुल गया तो रे, लाज जावेगी, हँसी होवेगी घणी थारी, 
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी॥

माया नागणि कियो है कुन्डालो दाता,रेण सूबेद छुड़ाई,
मोह माया ने रे, जाल फसायो, अब सुध लेवो बनवारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी॥

मै मतिहीन हूँ, कछु नही दाता, आयो शरण तिहारि,
भवसागर मे रे, घणो दुख पायो, अब सुध लेवो बनवारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी॥

आगे संत अनंत ऊबारया दाता, अबकी बारी हमारी,
दास मलूक कहे रे, भूली मति जाजौ, म्हणे तो भरोसों बढ़ो भारी,
सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी॥

अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी
अरज सुणो बनवारी

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