अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पे सुदामा गरीब आ गया है

0
3296
बार देखा गया

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो,
​श्लोक – 
देखो देखो ये गरीबी ये गरीबी का हाल,

कृष्ण के दर पे विस्वास लेके आया हूँ, 

मेरे बचपन का यार है मेरा श्याम, 

यही सोच कर में आस करके आया हूँ।। 

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो,

दर पे सुदामा गरीब आ गया है ।

भटकते भटकते ना जाने कहाँ से,

तुम्हारे महल के करीब आ गया है ॥


ना सर पे हैं पगड़ी, ना तन पे हैं जामा

बतादो कन्हैया को,  नाम है सुदामा ।

इक बार मोहन से जाकर के कहदो,

मिलने सखा बदनसीब आ गया है।।

अरे द्वारपालों कन्हैया से…. 



सुनते ही दोड़े चले आये मोहन,

लगाया गले से सुदामा को मोहन ।

हुआ रुकमनी को बहुत ही अचम्भा,

यह मेहमान कैसा अजीब आ गया है ॥

अरे द्वारपालों कन्हैया से…. 



बराबर में अपने सुदामा बैठाये,

चरण आसुओ से श्याम ने धुलाये,

ना घबराओ प्यारे जरा तुम सुदामा,

ख़ुशी का समां तेरे करीब आ गया है,

अरे द्वारपालों कन्हैया से…. 

आपको ये भजन कैसा लगा? हमें बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम