भगवान तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ भजन लिरिक्स

0
3150
बार देखा गया
भगवान तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ भजन लिरिक्स

भगवान तुम्हारे चरणों में,
मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ,
वाणी मैं तनिक मिठास नही,
पर विनय सुनाने आया हूँ।।

तर्ज – दिल लूटने वाले जादूगर।



प्रभु का चरणामृत लेने को,

है पास मेरे कोई पात्र नही,
आँखो के दोनो प्यालो मैं,
कुछ भीख माँगने आया हूँ,
भगवान तुम्हारे चरणो में,
मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ।।



तुमसे लेकर क्या भेंट धरू,

भगवान आप के चरणों में,
मैं भिक्षुक हूँ तुम दाता हो,
सम्बन्ध बताने आया हूँ,
भगवान तुम्हारे चरणो में,
मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ।।



सेवा को कोई वस्तु नही,

फिर भी मेरा साहस देखो,
रो रो कर आज आँसुओ का,
मैं हार चढ़ाने आया हूँ,
भगवान तुम्हारे चरणो में,
मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ।।



भगवान तुम्हारे चरणों में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ,
वाणी मैं तनिक मिठास नही,
पर विनय सुनाने आया हूँ।।

Singer : Santosh Upadhyay


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम