​भरदे रे श्याम झोली भरदे ना बहला ओ बातों में

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​भरदे रे श्याम झोली भरदे भरदे,

ना बहला ओ, बातों में।

तर्ज – रिमझिम के गीत सावन गाए

 

नादान है, अनजान हैं, श्याम तू ही मेरा भगवान है,

तुझे चाहूं तुझे पाऊं, मेरे दिल का यही अरमान है,

पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले, सब लिखा है आंखों में,

​भरदे रे श्याम झोली भरदे।।

 

दिन बीते बीती रातें, अपनी कितनी हुई रे मुलाकातें,

तुझे जाना, पहचाना, तेरे झूठे हुए रे सारे वादे,

भूले रे श्याम तुम तो भूले, क्या रखा है बातों में,

​भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

 

मेरी नैया, ओ कन्हैया, पार करदे तू बनके खिवैया,

मैं तो हारा, गम का मारा, आजा-आजा ओ बंशी बजैया,

लेले रे श्याम अब तो लेले, लेले, मेरा हाथ हाथों में,

​भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

 

मैं हूं तेरा, तू है मेरा, मैंने डाला तेरे दर पे डेरा,

मुझे आस है, विश्वास है, श्याम भर देगा दामन तु मेरा,

झूमें रे श्याम नन्दू झूमें, झूमें तेरी बांहों में,

​भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

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