चाँदी का झूला झूल रही जगदम्बे महामाया भजन लिरिक्स

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चाँदी का झूला झूल रही जगदम्बे महामाया भजन लिरिक्स

चाँदी का झूला झूल रही,
जगदम्बे महामाया।।



देवता सारे फूल बरसाते,

इन्दर भी तेरे दर दाती,
चरणा नु धोवन आया,
चाँदी का झूला झूल रही,
जगदम्बे महामाया।।



जेदावी तेरे दर आया,

दर पर आके शीश नवाया,
उसने सबकुछ पाया,
चाँदी का झूला झूल रही,
जगदम्बे महामाया।।



उंचिया निबिया चढ़के चढ़ाइया,

दुरो दुरो संग का आइयां,
सबने दर्शन पाया,
चाँदी का झूला झूल रही,
जगदम्बे महामाया।।



चाँदी का झूला झूल रही,

जगदम्बे महामाया।।


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