दिल में ना जाने सतगुरु क्या रंग भर दिया है

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दिल में ना जाने सतगुरु क्या रंग भर दिया है
छोड़ेंगे अब ना दर तेरा इकरार कर लिया है |

जिस दिन से पी लिया है तेरे नाम का यह प्याला,
मुझको खबर नहीं है, मेरा दिल किधर गया है ।
छोड़ेंगे अब ना दर तेरा इकरार कर लिया है |

तूने हाथ जिसका थामा, बंदा बना प्रभु का,
हुई नज़र जिस पे तेरी, समझो के तर गया है ।
छोड़ेंगे अब ना दर तेरा इकरार कर लिया है |

तेरी चरण धूलि जब से मस्तक को छू गयी है,
मेरी तकदीर बदल गयी है, जीवन सवार गया है ।
छोड़ेंगे अब ना दर तेरा इकरार कर लिया है |

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