गोकुल की हर गली मे मथुरा की हर गली मे हिंदी भजन लिरिक्स

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गोकुल की हर गली मे मथुरा की हर गली मे हिंदी भजन लिरिक्स

गोकुल की हर गली मे,
मथुरा की हर गली मे।
तर्ज-तुम जो चले गये तो होगी बड़ी



गोकुल की हर गली मे,
मथुरा की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,
दुनिया की हर गली मे॥॥



गोकुल गया तो सोचा,
माखन चुराता होगा,

या फ़िर कदम्ब के नीचे,
बंसी बजाता होगा,

गोकुल की हरगली मे,
ग्वालिन की हर गली मे,

कृष्णा को ढूँढ़ता हूँ,
दुनिया की हर गली मे॥॥



शायद किसी बहन की,
साड़ी बढ़ाता होगा,

या फिर वो बिष का प्याला,
अमृत बनाता होगा,

भक्तो की हर गली मे,
प्रेमी की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,
दुनिया की हर गली मे॥॥



ढूंढा गली गली में,

खोजा डगर डगर में,
मुझको मिला कन्हैया,
दिल वालो की गली में,
गुजरी की हर गली में,
प्रेमी की हर गली मे,
कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,
दुनिया की हर गली मे॥॥



गोकुल की हर गली मे,
मथुरा की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,
दुनिया की हर गली मे॥॥


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