गुरुजी दरश बिना जियरा मोरा तरसे भजन लिरिक्स

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गुरुजी दरश बिना जियरा मोरा तरसे

गुरुजी दरश बिना जियरा मोरा तरसे,
गुरुजी मेरे नैनन मे जल बरसे।।
तर्ज- आजा रे परदेसी में तो कबसे


गुरुजी दरश बिन जियरा मोरा तरसे,
गुरुजी मेरे नैनन मे जल बरसे।। 

मै पापन अब उनकी दासी,
केसे करे प्रभु निज कि दासी,
काया कपत हे तेरे डर से, 
गुरुजी दरश बिना जियरा मोरा तरसे।। 

पतीत उदाहरण नाम तुम्हारा,
दिजे गुरुजी मुझको सहारा,
देखो दया ओर प्रेम नजर से,
गुरुजी दरश बिन जियरा मोरा तरसे।। 

तुम बिन ओर ना पालक मेरा,
ब्रम्हानन्द भरोसा तेरा, 
विनती करत हु तेरे दर पे,
गुरुजी दरश बिन जियरा मोरा तरसे।। 

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