जग घूमिया माँ के जैसा ना कोई भजन लिरिक्स

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जग घूमिया माँ के जैसा ना कोई भजन लिरिक्स

जग घूमिया माँ के जैसा ना कोई,

जय हो ज्वालामुखी मैंय्या थारी,

जय हो शेरोवाली मैंय्या थारी,
थारा परचा रो पार नहिं,
थाने ध्यावे सब नर नारी,
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई,
जय हो ज्वालामुखी मैंय्या थारी,
जय हो शेरोवाली मैंय्या थारी,
थारा परचा रो पार नहिं,
थाने ध्यावे सब नर नारी,
सब पे दया तू रखना……….
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
जग घूमिया माँ के जैसा ना कोई,

ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई।।

तर्ज – जग घुमैया।



तु ही तो हैं शेरावाली तु ही मेहरावाली है,

तु ही जोतावाली मैय्या तु ही लाटावाली,
थाने तो कर मनवार….
थाने तो कर मनवार,
आज बूलावा हा,
प्रेम से मैय्या मैं तो गुण थारा गावा हाँ,
मैं तो नोरता जगावा थारा,
मैं तो ध्यान लगावा थारो,
मैय्या दूखिया री सुण लीजो,
मैंय्या द्वार पे आया थारे,
सब पे दया तू रखना……….
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई।।



थारी कृपा से चाले नाव खिवैया तू,

डोले अगर नैय्या पार लगावे तू,
रीत पूराणी थारी………..
रीत पूराणी थारी जाणे संसार है,
याद करता भगता रे आवे हेले आवे तू,
थारा जैसी कोई दानी नहीं,
थारा जैसी वरदानी नहीं,
बेठी गट् गट् माही तु ही,
मैय्या थारा से या छानी नहीं,
सब पे दया तू रखना……….
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई।।



कर मनवारा मैय्या आज बूलावा हा,

आवो थे आवो मैय्या गुण थारा गावा हा,
गीत प्रेम रा मैय्या…………
गीत प्रेम रा मैय्या गाय सूणावा हाँ,
भगता रा आकर मैय्या भाग्य जगाणा हैं,
मैं तो शरणा मे आयो थारी,
‘जाँगिड़’ चरणा री रज थारी,
थाने ध्यावे सब नर नारी,
मैय्या सुणजो थे अर्जी मारी,
सब पे दया तू रखना……….
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई।।



जय हो ज्वालामुखी मैंय्या थारी,

जय हो शेरोवाली मैंय्या थारी,
थारा परचा रो पार नहिं,
थाने ध्यावे सब नर नारी,
सब पे दया तू रखना……….
जग घुमिया थारे जैसा ना कोई,
जग घूमिया माँ के जैसा ना कोई,

ज्वालामुखी मैय्या थारे जैसा ना कोई।।



सिंगर & लिरिक्स – सत्य प्रकाश जाँगिड़।

यह भजन,
‘सत्य प्रकाश जाँगिड़
9928551404′ द्वारा,
राजस्थानी भजन डायरी,
से जोड़ा गया।


 

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