जल भरन जानकी आई हो मोरी केवल माँ भजन लिरिक्स

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जल भरन जानकी आई हो मोरी केवल माँ भजन लिरिक्स

जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

काहे की गगरी काहे की कुंजरी,
काहे की लेर लगाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

सोने की गगरी रूपा की कुंजरी,
रेशम की लेर लगाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

कौना की बहुआ कौना की बेटी,
कौना की नार कहाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

दशरथ बहुआ जनक की बेटी,
राम की नार कहाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

पांच भगत माई तोरे जस गावे,
रहे चरण चित लाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

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