झूला तो झूले रानी राधिका झुलावे नंदकुमार भजन लिरिक्स

0
957
बार देखा गया
झूला तो झूले रानी राधिका झुलावे नंदकुमार भजन लिरिक्स

झूला तो झूले रानी राधिका,
झूला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।

तर्ज – लाल लंगोटो हाथ में सोटो।



घिर घिर आई घटा कारी रे,

आज बरसे रस की धार,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।



तीज हरियाली सखी आ गई,

छाई कुंजन में मस्त बहार,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।



ओढ़ी राधा ने हरी चुनरी,

कर आई वह सोलह श्रृंगार,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।



रेशम डोर चंदन की पटरी,

झूला पड़यो कदंब की डाल,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।



झूले हिंडोरा प्रिया लाल जी,

गावे ‘चित्र विचित्र’ मल्हार,
महीना आया सावन का,
झुला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
महीना आया सावन का।।

गायक – श्री चित्र विचित्र जी महाराज,
प्रेषक – शेखर चौधरी,
मो – 9074110618


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम