कही छूट जाये न दामन तुम्हारा

0
672
बार देखा गया
तेरे नाम की धुन लागी

कही छूट जाये न दामन तुम्हारा कृष्ण भजन 


बांके बिहारी मुझको देना सहारा, 

कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 


तेरे सिवा दिल में समाये न कोई,
लगन का ये दीपक बुझाए कोई,
तूही मेरी कश्ती तूही है किनारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 


तेरे नाम का गाना गाता रहू मैं,
सुबह शाम तुझको रिझाता रहू मैं,
तेरा नाम मुझको है प्राणो से प्यारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 


तेरे रास्ते से हटाती है दुनिया
इशारो से मुझको बुलाती है दुनिया
देखू न हरगिज़ मैं दुनिया का इशारा
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 


बड़ी भूल की जो मैं दुनिया में आया,
मूल भी खोया और ब्याज भी गवाया,
दुनिया में मुझको न भेजना दुबारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।।


बहुत उम्र बीती अभी तक न आये,
बैठा हू कबसे मैं पलकें बिछाये,
जल्दी से आजा नटवर तेरा सहारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 


बांके बिहारी मुझको देना सहारा,
कही छूट जाये न दामन तुम्हारा।। 

कोई जवाब दें

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम