कोई डावा हाथ में भालो पीर रे जीमने में लीले री लगाम

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कोई डावा हाथ में भालो पीर रे जीमने में लीले री लगाम

कोई डावा हाथ में,
भालो पीर रे,
जीमने में लीले री लगाम,
रुनझुन करता पीर पधारिया,
परा जगाया सुता भाग।।



कोई सुता नरा ने बाबो जगावे,

लागो भाई भजना माय,
कोई साच कमावो,
झूठ ने त्यागो,
जनम सफल थारो हो जाय।।



बाबो जुग में तारण आयो,

धरो भाई बाबा रो ध्यान,
थारा दुःख मिट जावे,
पल रे आय,
सुख सम्पत बाबो बरसाये।।



धाम रूणिचा प्यारो बैठो है,

द्वारका रो नाथ,
कोई ज्योता जागे,
अरे हरदम साची,
दर्शन सु खुल जावे भाग।।



कोई प्रकाश माली महिमा गावे,

परचो पायो हाथो हाथ,
कोई साचे मन सु,
जपे है कोई दुखदारी,
जद पल में जाए।।



कोई डावा हाथ में,

भालो पीर रे,
जीमने में लीले री लगाम,
रुनझुन करता पीर पधारिया,
परा जगाया सुता भाग।।

गायक – प्रकाश माली जी।
भजन प्रेषक – श्रवण सिंह राजपुरोहित।
सम्पर्क – +91 90965 58244


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