मैं साँई बोलूँगा साँई साँई बोलूँगा तेरी कृपा को मेरे बाबा

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मैं साँई बोलूँगा साँई साँई बोलूँगा

मैं साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा,
तेरी कृपा को मेरे बाबा,
मै न भूलूँगा,
मै साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा।।

तर्ज – मै न भूलूँगा।



करे सब चर्चा जिसकी,

वो ज्योति जगा देना,
गाए सब महिमा जिसकी,
वो नाम लखा देना,
नाम का जाम पिला कर बाबा,
करदो दीवाना,
जाम का और मैकस का रिश्ता,
मै न भूलँगा,
मै साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा।।



तू साँई ईष्ट है मेरा,

मै तेरा पुजारी हूँ,
तू कहलाता है दाता,
मै दर का भिखारी हूँ,
देकर भक्ती दान ओ बाबा,
मुझको दास बनालो,
स्वामी और सेवक का रिश्ता,
मै न भूलूँगा,
मै साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा।।



अगर बाबा हो जाए,

दया तेरी मुझ पर भी,
मेरा तो निर्भर है,
सभी कुछ तुम पर ही,
ये साँसे चलती रहे,
तुम्ही को भजती रहै,
हाथो मे पतवार ले मेरा,
तू माँझी बनजा,
माँझी और नैया का रिश्ता,
मै न भूलूँगा,
मै साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा।।



मैं साँई बोलूँगा,

साँई साँई बोलूँगा,
तेरी कृपा को मेरे बाबा,
मै न भूलूँगा,
मै साँई बोलूँगा,
साँई साँई बोलूँगा।।

– भजन लेखक एवं प्रेषक –
श्री शिवनारायण वर्मा,
मोबा.न.8818932923

वीडियो उपलब्ध नहीं।


 

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