मैंने छोड़ा जगत जंजाल उदित नारायण भजन लिरिक्स

0
377
बार देखा गया
मैंने छोड़ा जगत जंजाल उदित नारायण भजन लिरिक्स

मैंने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा,
राम नाम की धुन में बहकर,
जीवन सफल बनाने लगा,
मैने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा।।


ये माया है बहता पानी,
ना रहे राजा ना रही रानी,
हम तुम सब की यही कहानी,
यह दुनिया है आनी जानी,
नाम राम का सबसे सच्चा,
नाम राम का सबसे सच्चा,
सबको यही समझाने लगा।

मैने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा,
राम नाम की धुन में बहकर,
जीवन सफल बनाने लगा,
मैंने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा।।


राम ही दीपक राम ही बाती,
राम सभी का सच्चा साथी,
राम सभी की पढ़ता पाती,
याद राम की कभी ना जाती,
राम भक्ति के मैं घर घर में,
भक्ति दिप दमकाने लगा।

मैने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा,
राम नाम की धुन में बहकर,
जीवन सफल बनाने लगा,
मैंने छोड़ा जगत जंजाल,
राम गुण गाने लगा।।


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम