मेरी नैया पड़ी है मजधार प्रभु इसे पार लगा देना कमल किशोर जी नागर

0
696
बार देखा गया
मेरी नैया पड़ी है मजधार @ bhajandiary

मेरी नैया पड़ी है मजधार,
प्रभु इसे पार लगा देना,
तेरी माला जपूँगा दिन रात,
प्रभु इसे पार लगा देना।।

मेरी नाव नही है नामी,
ना जानी है डोर लगानी,
कही डूब ना जाये मजधार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।

मेरी नाव है बहुत पुरानी,
डूबने की है इसकी कहानी,
फिर डूब ना जाये इस बार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।

तुम तो जानो प्रभु जी घट घट की,
मेरी नैया भवर बिच अटकी,
अब दूजो नही है आधार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।

मेरी नैया पड़ी है मजधार,
प्रभु इसे पार लगा देना,
तेरी माला जपूँगा दिन रात,
प्रभु इसे पार लगा देना।।

This beautiful bhajan is sung by One of the best Bhagwat katha vachak Pandit Shri Kamal Kishor Ji Nagar. The Person is requesting to god that is life is in mid of sea and you have to Put across the ocean. Hope you all like it.

कोई जवाब दें

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम