कान्हा गोकुल का गेला में माखन की वो मटकियां फोड़े जी

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कान्हा गोकुल का गेला में माखन की वो मटकियां फोड़े जी

कान्हा गोकुल का गेला में,
माखन की वो मटकियां फोड़े जी,
ओ नंद जी के लाला,
ओ नंद जी के लाला कान्हा,
मोहन मुरली वाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।



सखिया सरवर ऊपर नावे,

कान्हो लारे लारे आवे,
गुजरिया को चिर चुरावे जी,
ओ नंद जी के लाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।



थे मुरली मीठी बजावो,

थे राधा ने समजावो,
पीछे मुड़ मुड़ दे गया गाना जी,
ओ नंद जी के लाला,
ओ नंद जी के लाला कान्हा,
मोहन मुरली वाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।



थे मात यशोदा रा लाला,

नंद बाबा लाड़ लड़ाया,
थारो रूप गणो है कालो जी,
ओ नंद जी के लाला कान्हा,
मोहन मुरली वाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।



राधा कृष्ण की है जोड़ी,

महिमा गाय जितरी गोरी,
भगवान सहाय गुण गया जी,
ओ नंद जी के लाला,
ओ नंद जी के लाला कान्हा,
मोहन मुरली वाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।



कान्हा गोकुल का गेला में,

माखन की वो मटकियां फोड़े जी,
ओ नंद जी के लाला,
ओ नंद जी के लाला कान्हा,
मोहन मुरली वाला,
अरे मैं गोरी रे गटक,
थे काला जी ओ नंद जी के लाला,
थे तो नंद बाबा का लाला,
थे तो मोहन मुरली वाला।।

स्वर – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – तरुण वैष्णव
9030847884


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