मोरे अंगना गजानंद आए री भजन लिरिक्स

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मोरे अंगना गजानंद आए री भजन लिरिक्स

मोरे अंगना गजानंद आए री,

श्लोक – आज हमारे आँगना,
देखो गजानंद आए री,
और धन धन हो गई मैं मतवारी,
ओ मेरे सोए भाग जगाए री।

मोरे अंगना गजानंद आए री,
आए री आए मोरे भाग जगाए,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।



विघ्न हरण मंगल सुखकारी,

कर आए मूसा असवारी,
द्वार हमारे बड़े प्रेम से,
द्वार हमारे बड़े प्रेम से,
सूंड हिलाते ही आए री,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।



दिप जले है द्वारन द्वारे,

शुभ हरियाली वंदन वारे,
चंदन चौक पीढयां बैठे,
चंदन चौक पीढयां बैठे,
लड्डूवा गटागट ही खाए री,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।



जिस घर में गणराज पधारे,

उसके हो गए वारे न्यारे,
आज मोरे घर आके प्रभुजी,
आज मोरे घर आके प्रभुजी,
सोए भाग ये जगाए री,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।



दस दिन रहकर जब जाओगे,

स्वामी याद बहुत आओगे,
ये ‘शहनाज़’ गजानंद तेरी,
ये ‘शहनाज़’ गजानंद तेरी,
महिमा हमेशा ही गाए री,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।



मोरे अंगना गजानंद आए री,

आए री आए मोरे भाग जगाए,
मोरे अंगना गजानंद आए री।।

Singer : Shahnaaz Akhtar ji


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