पर्दा हमसे करते हो क्यूँ बिहारी जी पूर्णिमा दीदी जी न्यू भजन

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पर्दा हमसे करते हो क्यूँ बिहारी जी पूर्णिमा दीदी जी न्यू भजन

पर्दा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी,
मुख अपना छिपाते,
बिहारी जी,
पर्दा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी।।

तर्ज – अल्लाह ये अदा।



फूलो कलियों सा,

तेरा मुखड़ा है,
चाँद तारो में,
एकलौता टुकड़ा है,
मन ये मेरे में,
पर ये दुखड़ा है,
रूप क्यों ना दिखाते,
बिहारी जी,
परदा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी।।



नैन कजरारे,

सैन सुखकारे,
बैन हितकारे,
मन को पुचकारे,
खींची आई मै अब,
तेरे द्वारे,
हमसे नज़ारे मिला लो,
बिहारी जी,
परदा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी।।



नैन काजल है,

घने बादल है,
पाँव पायल है,
दिल ये घायल है,
बाबा रसिका भी,
तेरा पागल है,
गोपाली का सबकुछ,
बिहारी जी,
परदा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी।।



पर्दा हमसे करते हो,

क्यूँ बिहारी जी,
मुख अपना छिपाते,
बिहारी जी,
परदा हमसे करते हो,
क्यूँ बिहारी जी।।


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