श्री रामजी की सेना चली रविंद्र जैन भजन लिरिक्स

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श्री रामजी की सेना चली भजन लिरिक्स

हर हर महादेव, हर हर महादेव,
जय भवानी, जय भवानी,
पापियो के नाश को,
धर्म के प्रकाश को,
श्री रामजी की सेना चली,
रामजी की सेना चली।।



पाप अनाचार मे,

घोर अंधकार मे,
एक नई ज्योति जली,
श्री रामजी की सेना चली,
रामजी की सेना चली।।


निशिचर हीन करेंगे धरती,
यह प्रण है श्री राम का,
जब तक काम न पूरण होगा,
नाम नही विश्राम का,
उसे मिटानें चलें की जिसका,
मंत्र वयम रक्षाम का,
समय आ चला निकट राम और,
रावण के संग्राम का,
तीन लोक धन्य है,
देवता प्रस्सन्न है,
तीन लोक धन्य है,
देवता प्रसन्न है,
आज मनोकामना फली,
श्री रामजी की सेना चली,
रामजी की सेना चली।।


रामचन्द्र जी के संग लक्ष्मण,
कर में लेकर बाण चले,
लिए विजय विश्वास ह्रदय में,
संग वीर हनुमान चले,
सेना संग सुग्रीव, नील, नल,
अंगद छाती तान चले,
उसे बचाए कौन के जिसका,
वध करने भगवान चले,
आगे रघुनाथ है,
वीर साथ साथ है,
एक से एक बलि,
श्री रामजी की सेना चली,
रामजी की सेना चली।।

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