सारे गाँव से दूध मंगाकर पिंडी को नहला दो भजन लिरिक्स

0
2231
बार देखा गया
सारे गाँव से दूध मंगाकर पिंडी को नहला दो भजन लिरिक्स

सारे गाँव से दूध मंगाकर,
पिंडी को नहला दो,
सारे गाँव से दूध मंगाकर,
पिंडी को नहला दो,
भोले को नहला दो,
मेरे शंकर को नहला दो,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया।।



महा रात्रि शिव रात्रि की महिमा,

जो नर नारी गावे,
महा रात्रि शिव रात्रि की महिमा,
जो नर नारी गावे,
व्रत पूजा परिवार सहित कर,
सखल पदारथ पावे,
धूप दिप बेला पत्रों से,
बाबा को संवारो,
शंकर जटा जुट गंगाधर,
हे गौरीश पुकारो,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया।।



भोले दया के सागर अपने,

पूरे कर दे सपने,
भोले दया के सागर अपने,
पूरे कर दे सपने,
तन मन सब अर्पित तुम कर दो,
प्राण दिए है उसने,
सुबह शाम बाबा दर आकर,
मन मंदिर संवारो,
श्रद्धा पूर्वक भक्ति भांव से,
शंकर को पुकारो,
आया बाबा का त्योहार आया
शिव रात्रि का त्योहार आया
आया बाबा का त्योहार आया
शिव रात्रि का त्योहार आया।।



सारे गाँव से दूध मंगाकर,

पिंडी को नहला दो,
सारे गाँव से दूध मंगाकर,
पिंडी को नहला दो,
भोले को नहला दो,
मेरे शंकर को नहला दो,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया,
आया बाबा का त्योहार आया,
शिव रात्रि का त्योहार आया।।


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम