​सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया

0
2778
बार देखा गया
​सांवरी सूरत पे मोहन

​सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा दिल दीवाना हो गया।

एक तो तेरे नैन तिरछे, दुसरा काजल लगा,
तिसरा नजरें मिलाना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

एक तो तेरे होँठ पतले, दुसरा लाली लगी,
तिसरा तेरा मुस्कुरना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

एक तो तेरे हाथ कोमल, दुसरा मेहंदी लगी,
तिसरा बंसी बजाना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

एक तो तेरे पाव नाजुक, दुसरा पायल बंधी,
तिसरा घुँघरू बजाना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

एक तो तेरे भोग छप्पन, दुसरा माखन धरा,
तिसरा खीचड़े का खाना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

एक तो तेरे साथ राधा, दुसरा रुक्मणी खड़ी,
तिसरा मीरा का आना,
दिल दीवाना हो गया।
​सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया।।

कोई जवाब दें

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम