श्यामा जू कृपा करती रहो चित्र विचित्र जी भजन लिरिक्स

0
148
बार देखा गया

श्यामा जू कृपा करती रहो,
मैं हूँ तुम्हारी शरण,
करो मेरी बाधा हरण,
सदा मुझपे करुणा करती रहो,
श्यामा जू कृपा करती रहो।।

तर्ज – सोचेंगे तुम्हे प्यार करे की नहीं।



श्री राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा राधा।।

अपनी शरण में रख लो हमें,
अपनी शरण में रख लो हमें,
दर दर ना भटकाना हमें,
भूखे है हम तेरे लाड़ के,
करुणा कर अपनाना हमें,
कृपा हम दिनों पर लुटाती रहो,
लुटाती रहो,
श्यामा जू कृपा करती रहो।।


श्यामा जू कृपा करती रहो,

मैं हूँ तुम्हारी शरण,
करो मेरी बाधा हरण,
सदा मुझपे करुणा करती रहो,
श्यामा जू कृपा करती रहो।।

श्री राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा राधा।।



हम अधमो की श्यामा जु,

बिगड़ी आन सवारों जरा,
लाखो पापी तार दिए,
मेरी ओर निहारो जरा,
श्रद्धा प्रेम भक्ति हृदय में भरती रहो,
भरती रहो,
श्यामा जू कृपा करती रहो।।

श्यामा जू कृपा करती रहो,
मैं हूँ तुम्हारी शरण,
करो मेरी बाधा हरण,
सदा मुझपे करुणा करती रहो,
श्यामा जु कृपा करती रहो।।

श्री राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा राधा।।



श्यामा जु कृपा करती रहो,

मैं हूँ तुम्हारी शरण,
करो मेरी बाधा हरण,
सदा मुझपे करुणा करती रहो,
श्यामा जू कृपा करती रहो।।


आपको ये भजन कैसा लगा? हमें बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम