तारा विना श्याम मने एकलडु लागे गरबा लिरिक्स

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तारा विना श्याम मने एकलडु लागे गरबा लिरिक्स

तारा विना श्याम मने एकलडु लागे,
रास रमवा ने वहलो आवजे,
तारा विना श्याम एकलडु लागे।।



शरद पूनम नी रातडी ओहो,

चांदनी खिली छे भली भांत नी,
तू न आवे तो श्याम,
रास जामे न श्याम,
रास रमवा ने वहलो आव श्याम,
रास रमवा ने वहलो आवजे,
तारा विना श्याम एकलडु लागे।।



गरबे घूमती गोपियो ओहो,

सूनी छे गोकुल नी शेरीयो,
सूनी सूनी शेरियो मा,
गोकुल नी गलियों मा,
रास रमवा ने वहलो आव श्याम,
रास रमवा ने वहलो आवजे,
तारा विना श्याम एकलडु लागे।।



अंग अंग रंग छे उमंग नो ओहो,

रंग केम जाए तारा संग नो,
पायल झंकार सुणी,
रोदिया नो नाद सुणी,
रास रमवा ने वहलो आव श्याम,
रास रमवा ने वहलो आवजे,
तारा विना श्याम एकलडु लागे।।



तारा विना श्याम मने एकलडु लागे,

रास रमवा ने वहलो आवजे,
तारा विना श्याम एकलडु लागे।।


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