तेरी चौखट पे जन्नत का नज़ारा हमने देखा है भजन लिरिक्स

0
2807
बार देखा गया
तेरी चौखट पे जन्नत का नज़ारा हमने देखा है भजन लिरिक्स

तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
कहा कब हो रहा किससे,
इशारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।



मेरे दो नैन है लेकिन,

तुम्हे लाखो मे देखा है,
बदनसीबो के हाथो की,
बदल देती तू रेखा है,
सोई किस्मत जहाँ जगती,
वो द्वारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।



मेरा दो दिन का ये जीवन,

तेरी पूजा के लिए कम है,
ना छोडूंगा माँ तेरा दामन,
जब तक दम में दम है,
तेरे दर पे ग़रीबो का,
गुज़ारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।



निगाहे ज़र्रे ज़र्रे पे,

रहे तेरी निरंतर माँ,
भिखारी हो या राजा हो,
कभी करती ना अंतर माँ,
कश्तियों को कहाँ मिलता,
किनारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।



तेरी चौखट पे जन्नत का,

नज़ारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
कहा कब हो रहा किससे,
इशारा हमने देखा है,
तेरी चोखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।

Singer : Panna Gill


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम