कई खेल्या कई खेलसी लिरिक्स
कई खेल्या कई खेलसी, दोहा - आया है सो जावसी, राजा रंक फकीर, एक सिंहासन चढ चले, एक बंधे जंजीर। ...
Read moreDetailsकई खेल्या कई खेलसी, दोहा - आया है सो जावसी, राजा रंक फकीर, एक सिंहासन चढ चले, एक बंधे जंजीर। ...
Read moreDetailsकुलदेवी हो के मेरी, क्यूँ सुणती ना अरदास मेरी, बनभौरी मैं बैठण आली, टूटण ना दे आस मेरी।। तर्ज - ...
Read moreDetailsऐ श्याम मुरली वाले, नैया तेरे हवाले, तेरे सिवा कन्हैया, तेरे सिवा कन्हैया, हमें कौन जो संभाले।। तर्ज - तुझे ...
Read moreDetailsमैंने खाटू की गलियों में देखा, वहां कण कण में श्याम बसा है, यूँ ही लगता नहीं रोज मेला, वहां ...
Read moreDetailsसुनो गवैया रे, ना चाहिए रुपया रे, हरि के ध्यान का, अपने ज्ञान का, रंग बरसाएंगे, असली सौदा पावेगा, जब ...
Read moreDetailsमेरे श्याम की कृपा से, किस्मत बुलंद है, मेरे मांगने से पहले, करता प्रबंध है।bd। तर्ज - एहसान मेरे दिल ...
Read moreDetailsश्याम की कृपा को पाकर, अहम में फूल ना जाना, झूठे रुतबे में आकर, प्रभु को भूल ना जाना।। तर्ज ...
Read moreDetailsअम्बे रो अवतार कहावे, आई माता हो आप, हो देवी म्हारी, आईमाता हो आप, बिलाडा में धाम निरालो, परचा जग ...
Read moreDetailsकई गरब करे धन माया को, कोनी भरोसो आणि काया को।। राम भजन में चित नही दिदो, संत समागम कबु ...
Read moreDetailsमैं इंसान छोटा हूँ, भरोसा बड़ा है, मेरे साथ मेरा, बाबा खड़ा है।bd। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। दुनिया में ...
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