तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
याद कर लो प्रभु उस घड़ी को,
तुम्हे ढूंडा कभी सालासर में,
जपते जपते प्रभु बाला बाला,
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
आओ हनुमान जी मेरे घर,
तर्ज – सात फेरों के सातो वचन।
पूरी कर दो प्रभु आस मेरी।।
बेगा सा पधारो जी, सभा में म्हारे आओ गणराज, थे बेगा पधारो जी।। तर्ज - हुस्न पहाड़ों का। भक्त खड़े...
हे दुःख भंजन मारुती नंदन, सुनलो मेरी पुकार, पवनसुत विनती बारम्बार, पवनसुत विनती बारम्बार।। अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता-२, दुखियो...
श्याम रंगीला, श्याम घोड़ा है नीला, घोड़े पे है, बाबा की सवारियां, श्याम रँगीला, श्याम घोड़ा है नीला।। तर्ज -...
विनती सुनले, अंजनी के लाला हनुमान रे, तुम्हे सुनाऊं, दुख से भरी ये दास्तान रे।। देखे - जय हो पवनकुमार...
शेरावाली मेरी माँ भवानी जरा, अपनी रहमत का करदे, तू मुझपे करम, नजरे भूले से मेरी, उठे जिस तरफ, कर...
बजरंगबली आओ, हनुमान चले आओ, माँ अंजनी के प्यारे, बालाजी आ जाओ।। महावीर तुम्हारे हम, दर्शन अभिलाषी है, तुम आकर...
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