आरती संग्रह

Aarti Sangrah Lyrics

काल भैरव अष्टक हिंदी लिरिक्स

काल भैरव अष्टक, देवराजसेव्यमानपावनांघ्रिपङ्कजं, व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्। नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगंबरं, काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे।१। भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं, नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्। कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरं, काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे।२। शूलटंकपाशदण्डपाणिमादिकारणं, श्यामकायमादिदेवमक्षरं...

Read moreDetails

जय जय त्रिभुवन वन्दिनी प्रातः स्मरणीय देवी स्तुति

जय जय त्रिभुवन वन्दिनी, गिरिनन्दिनि हे गिरिनन्दिनि हे, असुर निकन्दिनि मातु, जय जय शम्भु प्रिये।। त्रिगुण शक्ति निज धारणि, शुभकारिणि...

Read moreDetails

जय भगवती देवी नमो वरदे श्रीभगवतीस्तोत्रम लिरिक्स

जय भगवती देवी नमो वरदे, जय पापविनाशिनि बहुफलदे।। देखे - नमस्कार देवी जयंती महारानी। जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे, प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे,...

Read moreDetails

नित्य पठनीय गीताजी के पाँच श्लोक

नित्य पठनीय गीताजी के पाँच श्लोक, वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्, देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्। १. अजोऽपि सन्नव्ययात्मा भूतानामीश्वरोऽपि सन्, प्रकृतिं स्वामधिष्ठाय...

Read moreDetails
Page 5 of 19 1 4 5 6 19
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे