आस राखो सतगुरु की भजन लिरिक्स
आस राखो सतगुरु की, जग की सब आस तजो, जग की है आस झूठी, आस राखों सतगुरु की।। तर्ज -...
Read moreDetailsआस राखो सतगुरु की, जग की सब आस तजो, जग की है आस झूठी, आस राखों सतगुरु की।। तर्ज -...
Read moreDetailsदस्स दे मेरे दातेया, नचदी टपदी वस्दी ऐ, दुनिया एक तमाशा ऐ, मतलब दे सब संगी साथी, सबने छड के...
Read moreDetailsचले गये सतगुरू, कौन से जहान में, रहता है कैसे शिष्य, गुरू बिन जहान में, डुडंता फिरूं उन्हें मैं, अब...
Read moreDetailsमुल कित्ती महनता दा, पवाई मेरे दातेया, औकात विच रहणा, तू सिखाई मेरे दातेया।। मिले जो वी मैनु ओदा, शुक्र...
Read moreDetailsतू देंदा रह मेरे दातेया, मैं खावा तेरे नाम दा, मैं खावां तेरे नाम दा, गुण गांवां तेरे नाम दा।।...
Read moreDetailsसतगुरु चरणा कोलो, कदे दूर हटावी ना, तू मैंनू विसर जावे, ऐसा दिन आवे ना, सतगुरु सतगुरु सतगुरु, सतगुरु सतगुरु।।...
Read moreDetailsआओ गुरु नाम की महिमा गाए, गुरु ज्ञान गंगा में गोता लगाए।। तर्ज- बहुत प्यार करते है। गुरु के समान...
Read moreDetailsइस योग्य हम कहाँ है, गुरुवर तुम्हें रिझाए, फिर भी मना रहे है, शायद तू मान जाए, इस योग्य हम...
Read moreDetailsसुख सबना ते दाता बरसा दे, एहो मैं दुआवाँ मंगियां, प्रीत सब नाल दाता तू निभा लै, एहो मैं दुआवाँ...
Read moreDetailsगुरुवर तुमसे इतना कहना, चरणों में, चरणों में, चरणों में तुम्हरे रहना।। तर्ज - और नहीं कुछ तुमसे। है ये...
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