जब भी कोई हारेगा,
उसे श्याम जिताएगा,
जो हार के शरण पड़े,
उसे कौन हरायेगा।।
तर्ज – एक प्यार का नगमा।
जब दिन थे बुरे मेरे,
छुप छुपकर रोता था,
अपने हालातो से,
बेबस मैं होता था,
तब अपने प्रेमी से,
मुझको मिलवाया था,
प्रेमी से मिला मुझको,
तूने खाटू बुलाया था।।
खाटू में बुला मुझको,
मेरा दर्द मिटाया था,
मेरा दर्द मिटा मुझको,
तूने अपना बनाया था,
अपनापन दिखा मुझको,
मुझे जीना सिखाया था,
और जीना सिखा मुझको,
तूने प्रेम बढ़ाया था।।
अब ‘दीनू’ तेरा बाबा,
तेरे गुण गाएगा,
तेरे अहसानो को,
कभी भूल ना पाएगा,
अब जितना बचा जीवन,
चौखट पे बिताएगा,
तेरा हो जाएगा,
तुझको ही रिझाएगा।।
जब भी कोई हारेगा,
उसे श्याम जिताएगा,
जो हार के शरण पड़े,
उसे कौन हरायेगा।।
Singer – Dinesh Pareek
9957756667