जोबनियो जातो रियो,
अब आई बुढ़ापा री वार रे,
वे दिनड़ा जाता रया अब,
आई बुढ़ापा री वार रे।।
जन्मयो उंडी ओरिया जद,
बाज्या सोवणया थाल रे,
भुआ भतीजों हुलरावियो,
घर-घर मंगलाचार रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
पाँच बरस रो होवियो,
दड़ियां रमवा जाय रे,
नितरा लावतो ओलभा,
घर-घर री लावतो राड़ रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
बरस पचीसों रो होवियो,
अब लारे लूम्बाली नार रे,
टाबर टूबर मोकला,
जिवड़ो पड्यो जंजाल रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
भरी हथायां बैठता,
अब कोई न पूछे वात रे,
हिंगलू ढोलिये पोढता,
अब नहीं माचलियो में वाण रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
बहुआं छोड्या घूघटा,
अब बेटा छोड़ी काण रे,
ऊना भोजन जीमता,
अब ठाडा टुकड़ा खाय रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
जन्तर पड़गा जोजरा,
ढीला पड़िया हाड रे,
जाट रूप जी बोलिया,
परा लबद री बात रे,
जोबनियो जातो रहियो।।
जोबनियो जातो रियो,
अब आई बुढ़ापा री वार रे,
वे दिनड़ा जाता रया अब,
आई बुढ़ापा री वार रे।।
Singer – Sant Kanhaiya Lal Ji
Upload By – Ravindra Goswami
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