यु तो घाटा में प्रगट पुजाई ये पाट,
जोगण जरणी जोग माता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता,
तिलस्वा त्रिवेणी जोगण सिंगोली री धाम,
सिंगोली री धाम,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
नोरता रा जमला में जमगट अडे छे,
पापी पमर पाजी पगल्या पडे छे,
थारे मेला में खेला को लागे है ठाट,
लागे है ठाट,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
जुलम्या ने जामण तु तो जेला सडावे,
संचारी शक्ति थु तो जेला छुडावे,
सेंटर जेला मु हथकड़ीया दीनी काट,
हथकड़ीया दीनी काट,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
बंबावदो बागे हाडो बसायो,
बालाजी हाडा थापे पाप उपायों,
उजड कीयो बांबावदा ने,
बिकट बेराट,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
भवर जी जोशी थारा लाड लडाया,
बलीदान बंद करने यज्ञा करवाया,
भैरव मीटायो रे मांस हाडक्या रो हाट,
हाडक्या रो हाट,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
यु तो घाटा में प्रगट पुजाई ये पाट,
जोगण जरणी जोग माता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता,
तिलस्वा त्रिवेणी जोगण सिंगोली री धाम,
सिंगोली री धाम,
जोग जरणी जोगमाता,
मैया जोगण जरणी जोगमाता।।
गायक – देव शर्मा आमा।
लेखक – स्वं भैरव शंकर जी शर्मा।
8290376657