कदी आवो नी रसीला मारे देश,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
काईने भूल्या सा जइने परदेश,
हाँ आवो म्हारो ऊणी संदेश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।
गांजो पीवे गजरपति,
भांग पीवे भोपाल,
गांजो पीवे गजरपति,
भांग पीवे भोपाल,
अमल अरोग्य छत्रपति,
अमल अरोग्य छत्रपति,
दारूडु पीवे दातार,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।
नैन ने बंद राखिने मैं ज्यारे,
तमने जोया छे,
नैन ने बंद राखिने मैं ज्यारे,
तमने जोया छे,
तमे छो ऐना करता परवदा रे,
तमने जोया छे,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।
आवण जावण कह गयो,
कर गयो कोल अनेक,
गिणता गिणता घीस गयी,
म्हारा आंगलिया री रेख,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।
कदी आवो नी रसीला मारे देश,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
काईने भूल्या सा जइने परदेश,
हाँ आवो म्हारो ऊणी संदेश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।
Singer – Kinjal Ji Dave
Upload By – Kamlesh Jangid
9414910004
बहुत श्रम साध्य कार्य है यह गीतों को लिपिबद्ध करना। नए नए गायक जहां इससे अपने को जोड़कर अपनी स्वर माधुरी से सबको जोड़ते हैं वहीं आपके लिखे, और संजोए गीतों से गीत परंपरा समृद्ध होती है।
आपको खूब शुभकामनाएं और आभार।