मुझे खुशियाँ मिली,
मिट गये सारे गम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
तर्ज – सांस देना प्रभु इतनी तो।
तेरे दरबार का ये चमत्कार है,
सुख आनन्द में मेरा ये परिवार है,
तेरी कृपा से सुधरा,
ये मेरा जनम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
जबसे तुमने सुनी मेरी ये दास्ता,
खुल गया मेरी मंजिल का बंद रास्ता,
करू दिल से तेरा,
शुक्रिया हरदम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
तेरी सेवा में तन मन ये कुर्बान है,
मेरे जीवन का बस यही अरमान है,
तुझसे जीवन शुरू,
है ये तुझपे खतम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
तूने मुझपे किया जो ये एहसान है,
ये पिछले जन्म की कोई पहचान है,
“दिलबर” साथ रहूँ,
तेरे जन्मो जनम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
मुझे खुशियाँ मिली,
मिट गये सारे गम,
मेरे बाबोसा है ये,
तेरा रहमो करम।।
गायक / रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’।
नागदा जक्शन म.प्र. 9907023365