बन तितली मैं उड़दी फिरा चित्र विचित्र भजन लिरिक्स

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बन तितली मैं उड़दी फिरा चित्र विचित्र भजन लिरिक्स

बन तितली मैं उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।

श्लोक – तमन्ना यही है की,
उड़ के बरसाने आऊं मैं,
आके बरसाने में तेरे,
दिल की हसरतो को फरमाऊँ मैं,
जिस घडी मंदिर की,
चौखट पे पहुँच जाऊँगा,
पकड़ मंदिर की जाली को,
यह फरमान गाऊंगा।



किशोरी तेरे बरसाने,

श्री राधे तेरे बरसाने।

बन तितली मैं उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने,
श्री राधे राधे मैं गोंदी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मै उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।



लुक लुक उड़ उड़,

मंदिरा विच आवांगी,
बचदी बचान्दी मैं दर्शन पावंगी,
कर किरपा कर किरपा,
कर किरपा तू मैनू बुला,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मै उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।



विषेया दा रस पी,

मैं दर दर रुलेया,
विषेया विकारा विच,
मैं दर तेरा भुलेया,
हुण नाम वाला हुण नाम वाला,
हुण नाम वाला रस पिला,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मै उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।



बगिया च तेरी तेरे,

नाल नाल घुमांगी,
जित्थे जित्थे रखे पग,
ओहिओ रज चुमांगी,
बन साया बन साया,
बन साया मैं मस्त फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मै उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।



मन रुपी तितली नु,

चरणा च लावी तू,
‘पाली पागल’ नाल,
श्याम नु मिलावी तू,
देवी चरणा देवी चरणा,
देवी चरणा च थोड़ी जेही था,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मै उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।



बन तितली मैं उड़दी फिरा,

किशोरी तेरे बरसाने,
श्री राधे राधे मैं गोंदी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने,
बन तितली मैं उड़दी फिरा,
किशोरी तेरे बरसाने।।

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