झूला झूले हो गजानंद झुलना भजन लिरिक्स

0
493
बार देखा गया
झूला झूले हो गजानंद झुलना

झूला झूले हो गजानंद झुलना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

काहे की डाली पे झूला बंधाये,
झूला बंधाये,
झूला बंधाये,
काहे के लागे पालना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

पीपल की डाली पे झूला बंधाये,
झूला बंधाये,
झूला बंधाये,
चंदन के लागे हो पालना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

काहे की पलने में डोर लगाए,
डोर लगाए तुमने,
डोर लगाए,
काहे के लगाए फुँदना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

पलने में रेशम की डोर लगाए,
डोर लगाए तुमने,
डोर लगाए,
किसम किसम के फुँदना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

कौन गजानन्द को लोरी सुनाये,
लोरी सुनाये,
लोरी सुनाये,
कौन सुलाए पालना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

गोरा गजानन्द को लोरी सुनाये,
लोरी सुनाये तुमको,
लोरी सुनाये,
शिवजी झुलाये पालना,
झूले झूले हो गजानंद झुलना।।

कोई जवाब दें

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम