कुण घाल्यो रे कान्हा आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो भजन लिरिक्स

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कुण घाल्यो रे कान्हा आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो भजन लिरिक्स

कुण घाल्यो रे कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो,
काजलियै री लीक देख हुयो,
काजलियै री लीक देख हुयो,
भग्तां​ रो मन मोह्वणो,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।

तर्ज – गर जोर मेरो चाले।



तीखै तीखै नैणां मांही,

सुरमो झीणो झीणो,
नैण स्यूं नैण मिलावूं तो मेरो,
नैण स्यूं नैण मिलावूं तो मेरो,
मुस्किल हो गयो जीणो जी,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।



कान्हूड़ा गिरधारी थां की,

आंख्यां मोटी मोटी,
अंईंया के मटकावो थे तो,
अंईंया के मटकावो थे तो,
भगतां पर फेंको गोटी जी,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।



मतवारी आंख्यां में सुरमो,

सोणै पर सुहागो,
कजरारे नैणां रो जादू,
कजरारे नैणां रो जादू,
भग्तां ऊपर छाग्यो जी,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।



हे बड़भागण सुरमा दानी,

कैसो पुण्य कमायो,
“हर्ष” सांवरो तेरो सुरमो,
“हर्ष” सांवरो तेरो सुरमो,
आंख्यां मांही घलायो जी,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।



कुण घाल्यो रे कान्हा,

आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो,
काजलियै री लीक देख हुयो,
काजलियै री लीक देख हुयो,
भग्तां​ रो मन मोह्वणो,
कुण घाल्यो रें कान्हा,
आंख्यां में सुरमो थारे सोवणो।।

गायक – मनीष भट्ट।
भजन प्रेषक – विवेक अग्रवाल
९०३८२८८८१५


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