महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे

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महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे

महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे,
तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे,
इनकी आरती में जरा चल के देखो,
भस्मी रमाये सवेरे सवेरे।।

तर्ज – अरे द्वारपालों।


सभी तीर्थो में क्षिप्रा बड़ी है,
किनारे किनारे जमाते पड़ी है,
और देवता भी आते है नहाने,
जरा चल के देखो सवेरे सवेरे,
महांकाल बाबा क्षिप्रा किनारे,
तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे।।


हरसिद्धि माँ की महिमा निराली,
अखण्ड ज्योत जलती माँ की निराली,
जो भी यहाँ आता खाली नहीं जाता,
जरा चल के देखो सवेरे सवेरे,
महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे,
तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे।।


बड़े गणपति जी मूषक सवारी,
रिद्धि सिद्धि दोनों साथ है तुम्हारे,
लड्डूओ का भोग लगे तुमको प्यारा,
जरा चल के देखो सवेरे सवेरे,
महांकाल बाबा क्षिप्रा किनारे,
तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे।।


महाकाल बाबा क्षिप्रा किनारे,
तुम्हे जल चढ़ाये सवेरे सवेरे,
इनकी आरती में जरा चल के देखो,
भस्मी रमाये सवेरे सवेरे।।


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