नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे

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श्री राधा जी की आरती

नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

मुस्कान इसकी लगे प्यारी प्यारी,
दीवानी हुई इसकी सारी ब्रजनारी,
ऐ की बंसी में जियरो अटैक गयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

पनघट पे आके करे जोरा जोरि,
चुपके से आये करे चिर चोरी,
मैया हल्लो मच्यो तो सटक गयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

घर घर में जाके ये माखन चुरावे,
खावे सो खावे जमी पे गिरावे,
मैया रोकनो हमारो खटक गयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

में तो दुखारी गरीबी की मारी,
नही जोर चल्यो तो दीन्ही में गाली,
नंदू बईया कन्हैया झटक गयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।।

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